उस प्रभु की है कृपा बड़ी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उस प्रभु की है कृपा बड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

घंटी बज जाये कब कूच की,

मौत हरदम सिरहाने खड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

उस प्रभु की है कृपा बड़ी,

किन्ही शुभ कर्मो का फल है ये,

तुझे मानव का चोला मिला,

जो आएगा है जायेगा वो,

बंद होगा न ये सिलसिला,

वेद की कहती एक एक कड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

इस जवानी पे इतरा ना तू,

बातो बातो में बीत जाएगी,

उभरा सीना सिकुड़ जायेगा,

और कमर तेरी झुक जायेगी,

लेकर के चलेगा छड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

जो करना है, ले आज कर,

कुछ खबर प्यारे कल की नहीं,

मानव चोले को करले सफल,

ढील दे इसमें पल की नहीं,

टूट सांसो की जाये लड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

घंटी बज जाये कब कूच की,

मौत हरदम सिरहाने खड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

उस प्रभु की है कृपा बड़ी,

याद करले घडी दो घडी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।