दाती मेहर करो इक वार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़:- कान्हा आन पड़ी मै तेरे द्वार

दाती दाती मेहर करो इक वार

मै हां पापी अवगुणहार,

दाती दाती मेहर करो इक वार...

तेरा प्यार है जीवन मेरा,

तेरा नाम है सुख का सेहरा,

तेरी किरपा सुन्दर सवेरा,

जेहड़ा-2 मेट देवे अंधकार।

दाती दाती मेहर करो..

मेरा कित्ते वसाह नहीं कोई,

तेरे घर परवाह नहीं कोई,

तेरे वरगा शाह नहीं कोई,

भर दे, मायें, भर दे मेरे भण्डार।

दाती दाती मेहर करो ...

मेरे बिगड़े भाग सवारो,

सिरों पापाँ दी पंड उतारों,

आज़िज संशय भरम निवारों,

जननी मेरा, कर दयो बेडा पार।

दाती दाती मेहर करो ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।