झुंझुनूं की सेठाणी म्हाने याद करे

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : यारी हो गई यार से

झुंझुनूं की सेठाणी म्हानै याद करै

मेहंदी.. नथली.. चुड़ो.. चुनड़ी.. आंख्या आगै फिरै

झुंझुनूं की सेठाणी म्हानै...

1.. हिचकी आवै.. आंख फरुकै.. कान में गूंजै शोर

दौड़यो भाग्यो.. आज्या रे बेटा, तू झुंझुनूं की और

मावड़ी.. है खड़ी.. तो तू क्यां नै डरै.. झुंझुनूं की

2.. नेम धरम.. जपतप ना जाणूं.. ना कोई ज्ञान की बात

फेर भी तू.. मनै दरपे बुलावै.. कितणी बड़ी है बात

रिश्तो यो.. आपणो.. मां निभायां सरै.. झुंझुनूं की

3.. अम्बरीष की.. और भगतां की.. गळत्यां दीजै बिसराय

यूं ही मान.. बढ़ाती रहिजै.. अपणे दरपे बुलाय

तू ही तो.. म्हारो घर.. खुशियां से भरै.. झुंझुनूं की

Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai

9327754497

जय दादी की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।