मैंया जी म्हारो छोटो सो है यो परिवार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : कान्हुड़ा रे थारा घुंघरू वाळा बाळ

मैंया जी म्हारो छोटोसो है यो परिवार

भूल कदे ना जाज्यो जी,

हर दम आडा आज्योजी

म्हारा मैंया जी.. प्यारा मैंया जी

1.. मैंया जी म्हारो आपस में बण्यो रहवै प्यार

कोई बुरी नजर ना लागे जी,

रहवां म्हे सगळा सागे जी.. म्हारा

2.. मैंया जी म्हारो रहवै निरोगी परिवार

कोई बुरा करम से बचाज्यो जी,

ज्ञान को दीप जगाज्यो जी.. म्हारा

3.. मैंया जी म्हारो हरयो-भरयो रहवै परिवार

कोई पूण-पावलो भिजाज्यो जी,

दान-धरम भी कराज्योजी.. म्हारा

4.. मैंया जी म्हारो सत्संगी रहवै परिवार

थारै भग्तां के घर आज्यो जी,

कहवै अम्बरीष मान बढाज्योजी.. म्हारा

Lyrics :- Ambrish Kumar Mumbai

9327754497

जय मैंया की

जय दादी की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।