तेरे बगैर सांवरे मेरा कोई नही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बगैर सांवरे मेरा कोई नहीं

तू भी जो आंख फेर ले क्या फिर वो जिंदगी

मंजिल ना कोई मिल रही , ना ही रास्ता

आ जाओ दीनानाथ है , दीनो का वास्ता

तेरा द्वार सांवरे मेरी उम्मीद आखिरी

तुझसे छुपी नहीं मेरी , जीवन की दास्ताँ

कही हार जाए ना तेरा , सेवक उड़ीकता

नज़रे महर की करदो ना हम पर भी तो कभी

सुन के पुकारे दास की , श्री श्याम आ गए

मुश्किल को कामयाबी की , चाबी बता गए

(गोलू) जो है तपा नहीं चमका वो फिर नहीं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।