सीयाराम कण कण है समाया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सीयाराम कण कण है समाया ।

जिधर देखा नज़र वही आया ॥

सागर जल में वही, गगन थल में वही ।

सेनादल में वही, भक्ति बल में वही ॥

रोम रोम राम नाम रस छाया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।