देखलौ हम आहे गौरी नईहर तोर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देख लो हम आहे गौरी2

नईहर तोर. गौरी नईहर तोर.

1 भात देलैन अखरा दैलक झोर2

तिमन चखैत गौरी2

लहरइये ठोर. गौरी नईहर तोर.

2 बथुआ के साग में निमक बड़ी जोर2.

दूध नहीं दही देलक2.

माहुर के घोर. गौरी नईहर तोर.

3 नै थारी देलक बाटी देलक लोटा देलक टीन2.

पनिया पिवैत गौरी2.

होइए छीना छीन. गौरी नईहर तोर.

4 नईहर के बात पर किए छी मुहजोर. हे गौरी2

तिशी के तेल में2

तरल तिलकोर. गौरी नैईहर तोर.

5 गौरी कहइए बाबा अब कल जोर2.

उकटू सदाशिव जुनी2

नईहर मोर. बाबा नईहर मोर।।।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।