बंसी वाले बतला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बंसी वाले बतला तेरा कहा ठिकाना है,

किस राह पे चलना है किस राह पे जाना है,

कहते है द्रोपदी का तूने चीर बढाया था,

बन सारथि अर्जुन का रथ तूने चलाया था,

आ फिर से धरती पर तूने पाप मिटाना है,

बंसी वाले बतला....

इन नयन बरसते में कब आएगा बतला दे,

बिन प्राणों के ये काया कैसे रहे समझा दे,

हम भक्तो का टुटा हुआ विश्वास जगाना है,

बंसी वाले बतला ........

सब ढूंढते है तुझको तू आता नज़र ही नहीं,

अपने भक्तो की कभी तू लेता खबर ही नहीं,

एक बार तो सुन जा तुझे हाले दिल सुनाना है,

बंसी वाले बतला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।