तूं बन्देया की जाने माता के चमत्कारां नू

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तूं बन्देया की जाने माता के चमत्कारां नू ।

जे जीवन सागर तरना, तुफानां तो नहीं डरना ।

ओहदी रज़ा च ही तूं जीना, ओहदी रज़ा च ही तूं मरना ।

ओहदा सिमरन कर ते जीवन भर मन्दा जा उसदे भाणे ॥

तूं चुप चुप पाप कमान्दा, समझे कोई देख ना पांदा ।

मैया दे नैन हजारां, ओहनू सब कुझ नजर हैं आंदा ।

तूं करदा जो, उहने पर्दा हटा, सब तखत किनारे लौने ॥

एह दुःख सुख ऐसे गहने, जो हर एक दे गल पैने ।

एह दरद जुदाईआ वाले सह लै जे पै गए सहने ।

बदलेगा समय उहदा जप लै ना, उसे ने मेल कराने ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।