सांचों थारो नाम हैं सांचों दरबार हैं

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

राणी सती मैया सांचों थारो नाम हैं सांचों दरबार हैं

थारे ही भरोसे म्हारो पुरो परिवार हैं

थारो रूप यो मन मोवे चुनर माथे पे है सोवे

माथे पे बिंदिया लाल नैंनो मे कजरो यो सोवे

लागे सुहाणो थारो अद्भूत ऋंगार है

थारे ही भरोसे म्हारो पुरो परिवार है

हांथा म है चुङा नाक में नथनी यो दमके

दोंनो हाथों में मेहंदी लगी

पाॅव में पायलियाॅ छनकै

आख्यां से छलकै थारो प्यार बेशुमार है

थारे ही भरोसे म्हारो पुरो परिवार हैं

हिलमिल सगला आवे मैया थारी ज्योत जगावै हैं

पूनम या अरज करे चरणां म शीश झुकाव है

धोक लगावां हां म्हें सुबह और शाम मां

थारै ही भरोसे म्हारो पुरो परिवार हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।