कभी ना लिया शिव का नाम सवेरे उठी काम काम काम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कभी ना लिया शिव का नाम,

सवेरे उठी काम काम काम,

कभी ना लिया हरी नाम,

सवेरे उठी काम काम काम.....

हमरे द्वारे पे मंदिर बना है,

मंदिर बना है मंदिर बना है,

कभी ना किया पूजा पाठ,

सवेरे उठी काम काम काम,

कभी ना लिया शिव का नाम,

सवेरे उठी काम काम काम.....

हमरे द्वारे पे गंगा बह रही,

गंगा बह रही जमुना बह रही,

कभी ना किया स्नान,

सवेरे उठी काम काम काम,

कभी ना लिया शिव का नाम,

सवेरे उठी काम काम काम…..

हमरे द्वारे पे कन्या बहुत है,

कन्या बहुत है कन्या बहुत है,

कभी ना किया कन्या दान,

सवेरे उठी काम काम काम,

कभी ना लिया शिव का नाम,

सवेरे उठी काम काम काम….

हमरे द्वारे पे भिक्षुक खड़ा है,

भिक्षुक खड़ा है भिक्षुक खड़ा है,

कभी ना दिया भिक्षा दान,

सवेरे उठी काम काम काम,

कभी ना लिया शिव का नाम,

सवेरे उठी काम काम काम ….

हमरे घर में माता पिता है,

माता पिता है माता पिता है,

कभी ना किया प्रणाम,

सवेरे उठी काम काम काम,

कभी ना लिया शिव का नाम,

सवेरे उठी काम काम काम….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।