लगती नही उनको नज़र, जिन पे तेरी नज़र

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लगती नही उनको नज़र, जिन पे तेरी नज़र

रखना मां अपने बच्चों पर, सदा मेहर की नज़र

जिसने भी तुमको माना, उसका हुआ ज़माना

तूने भी उसपे दाती, सदा प्यार है लुटाना

रखती हो मां उनकी ख़बर, जिनपे तेरी नज़र

रखना मां अपने बच्चों पर, सदा मेहर की नज़र

जीवन की बागडोर मां तूने ही तो सम्भाली

सब बाग हैं तुम्हारे, हर बाग की तू माली

मिलती उन्हें सच्ची डगर, जिनपे तेरी नज़र

रखना मां अपने बच्चों पर, सदा मेहर की नज़र

रुतबा है तेरा आली, हे माता शेरोंवाली

उजले हो दिन तुम्ही से, बने रात भी दिवाली

हो जाए मां उनपे असर, जिनपे तेरी नज़र

रखना मां अपने बच्चों पर, सदा मेहर की नज़र

ए शेरोंवाली मैया, नैया की हो खवैया

शिव की कभी ना अटकी,और नाही भटकी नैया

फंसती नहीं नैया भंवर, जिन पे तेरी नज़र

रखना मां अपने बच्चों पर, सदा मेहर की नज़र

लगती नही उनको नज़र, जिन पे तेरी नज़र

रखना मां अपने बच्चों पर, सदा मेहर की नज़र

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।