ये दान धर्म करना हमें तुमने सिखाया है (महाराजा अग्रसेन भजन)

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

महाराजा अग्रसैन भजन

(तर्ज़ :- तू किरपा कर बाबा)

तेरे आचरण को ही - हमने अपनाया है

ये दान धर्म करना - हमें तुमने सिखाया है....

1) एक रुपया और और एक ईंट - सिद्धांत बनाया था

सब एक समान जग में - संदेश फैलाया था

इस अग्रवंश का जग में - तूने नाम बढ़ाया है....

2) माता महा लक्ष्मी ने - तुम्हे बेटा मान लिया

तेरे कुल पर मेरी कृपा रहे - ऐसा वरदान दिया

वरदान के कारण ही - सौभाग्य ये पाया है....

3) बस एक तमन्ना है - जब फिर से जन्म मीले

इस अग्रवंश में ही - हम बनकर फूल खिले

अब तक जीवन जैसे - सेवा में बिताया है.....

4) राजेंद्र अग्रवाल बस इतनी - आस करे

कुण्डली में धाम बने - जो हम प्रयास करें

प्रिंस जैन ने भजनों का - एक हार बनाया है.....

भजन गायक व लेखक - प्रिंस शुभम नरेला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।