लक्ष्मी मैया वर दे

राजू उत्तम
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वर दे लक्ष्मी मैया वर दे,

हमें खुशहाली का वर दे, यह आशा पूर्ण कर दे,

सुख समृद्धि वैभव से, घर आंगन मेरा भर दे,

जहां तेरी दृष्टि पड़ जाए, जंगल में मंगल हो जाए,

जो एक इशारा कर दो मां, मंगल ही मंगल हो जाए,

जिस पर कृपा हो तेरी, उसे रंक से राजा कर दे,

वर दे........।

तुम बिन कोई काम ना हो पाए,

ऐशो-आराम ना हो पाए, कोई मंगल काज ना हो सकता,

तीर्थ और धाम ना हो पाए,

दुख दरिद्र पास ना आए मैया तेरे डर से,

वर दे.........।

मैं भी तर जाऊंगा मैया, जो ऐसा कहीं हो जाए मां,

घर आंगन छोड़ के मेरा, तू कभी कहीं ना जाए मां,

राजू की यह विनय मैया, उत्तम भंडारे भर दे,

वर दे..........।

लेखक - राजू उत्तम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।