आज है शरद्‌ पूनम की रात

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज है शरद्‌ पूनम की रात,

इक इक गोपी,इक इक कान्हां, खूब बनी महारास।।

पग नूपुर कटि पीत पीताम्बर, मोर मुकुट उर माला।

कालिन्दी तट नटवर नागर, आ पहुंचे नंद लाला।।

ठुमक ठुमक कर चले कन्हैया, मन्द मन्द मुस्कात - आज है...

गोलोक की स्वामिनी राधा, ठाकुर रास बिहारी।

प्रक्टे रास मंडल में दोनों, प्रेम पुंज अवतारी॥

शरद्‌ पूनम में महारास की, हुई शुभ शुरुआत - आज है...

मृगनयनी गजगामिनी राधा, वृंदावन की रानी।

महारास में चली स्वामिनी, ठाकुर की ठकुरानी॥

झनक झनक कर बजे पायलिया, कामरिया बल खात - आज है...

धर अधरन पर भनमोहन ने, मुरली मधुर बजाई।

निकल पड़ी घर से ब्रजवासिन, तन की सुधि बिसराई।।

लयलीन स्वर तान में उलझी, चली तान के साथ - आज है...

खिले कमल दल, खिली चांदनी, महक उठी पुरवाई।

डार डार फल फूल पात संग, नाच उठी खुदाई।।

भई भीड़ कालिन्दी तट पर, थिरकन लागे साज़ - आज है...

ठहर गया जल कालिन्दी का, बहने लगा रस सागर।

मिले परस्पर प्रिया प्रियतम, नागरी अरू नटनागर।।

रुक गया नभ में नभ चंदा, भई छः मासी रात - आज है...

महारास के जिस महारस को, सुरलोचन भी तरसे।

वही ब्रजरस,ब्रज-गोपिन पर, छम छम करके बरसे।।

बन गोपी कैलाशपति भी, नाच उठे उस रात - आज है...

लगी गूंजनें चहुं ओर धुन, जै जै श्यामा,जै जै श्याम।

लगे बोलने गीत ‘मधुप’ के, जै जै श्री वृंदावन धाम।।

निरख निरख नहीं थके ‘मधुप’ मन, बार बार ललचात - आज है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।