राम आ गए धन्य भाग सबरी मुस्काये

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम आ गए, धन्य भाग शबरी मुस्काये।

आँखों में प्रेम आंसू,

चरणों को धो रही है,

मारे ख़ुशी के शबरी,

व्याकुल सी हो रही है,

क्या लाऊँ क्या खिलाऊँ,

कुछ भी समझ ना आए,

राम आ गये,

धन्य भाग्य शबरी हर्षाए ॥

वन से जो तोड़कर वो,

दोना में बेर लायी,

सकुचा के मन में शबरी,

श्री राम को बढ़ाई,

श्री राम को दिया जब,

तो भी लखन ना खाए,

राम आ गये,

धन्य भाग्य शबरी हर्षाए ॥

राम आ गए,

धन्य भाग्य शबरी हर्षाए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।