शेर पे सवार है मैंया आने को तैयार है कोई दिल से बुलाने वाला चाहिए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : गोरी है कलाइयां

शेर पे सवार है

मैंया आने को तैयार है

कोई दिल से बुलाने वाला चाहिए

1.. यूं तो बुलाने वाले, लाखों है कतार में

उनके ही घर ये जाती, जो पागल है प्यार में

करती ये प्यार है

और चाहती भी प्यार है

कोई दिल से निभाने वाला चाहिए

शेर पे सवार है..

2.. जितनी लगन है हमको, मैंयाको बुलाने की

उससे से भी ज्यादा इच्छा, है खुद मां की आने की

बड़ी बेकरार है

ये तो करे इंतजार है

कोई दिल में बिठाने वाला चाहिए

शेर पे सवार है..

3.. पलकें बिछाए खड़े हैं, हम तेरे प्यार में

एक बर तो आजा मैंया, मेरे परिवार में

मूड़ के न जाओगी

तुम यहीं रह जाओगी

कोई अम्बरीष बहाना ना बनाइये

मेरे ही घर में रह जाइये

भगतों के घर में रह जाइये

Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।