लेजा देजा दाई कुछु भेट

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

॥ छत्तीसगढ़ी बिदाई जस गीत॥

लेजा देजा दाई कुछु भेट......

संग छुटती के बेरा ये मया ल समेट ॥

ये माया के फुलवारीया हो जाही सुन्ना वो....

एक बेर अउ करि लेते भेट....

लेजा देजा दाई..........

1• होगे हस निरमोही कठवा पथरा कस दाई,

अंतस तोर नई रोवाय जावत हस महामाई

आंसू आशु मा दाई धोहू तोर चरन ॥

भारी परथे बिदा के झमेट....

लेजा देजा दाई..........

2• आज देखी देखा कल संग हा तोर छूट जाहि,

तब तोर सुरता के पीरा मोला रही रही के रोवाही

कईसन केदाई मै करडारेव वो जतन ॥

बिदाई के नेंग ल देवव मेटे......

लेजा देजा दाई..........

3•तै हर तो चले जाबे दाई वो गंगा के पार,

रही जहि बस तोर सुरता गौतम ला करे दुलार

आघूवाके बोली लेबे दाई वो छोड़त संग ॥

सबला राखे रहे तै समेट......

लेजा देजा दाई..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।