तेरी जय हो माँ शेरोवाली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आओ आओ रे भक्तो ढोल बजाओ, हां हां ढोल बजाओ

झूमो नाचो रे गाओ, माँ को मनाओ, हां हां माँ को मनाओ

आए हैं मैया के नवराते ,मैया से करनी है बातें

सारे जहां से निराली, मां शेरोवाली, माँ जोता वाली

जय हो मां शेरोवाली, करती सबकी रखवाली

तेरी जय हो मां शेरोवाली, करती सबकी रखवाली

1

प्रथम शैलपुत्री को मनाओ,मन में ज्योत जलाओ

द्वितीय सुमिरो ब्रह्मचारिणी, मन वांछित फल पाओ

अरे हे......तीसरे दिन को मां चंद्रघंटा, भर देगी झोली खाली

जय हो मां शेरावाली, करती सबकी रखवाली

2 चौथे दिन माँ शेरोवाली, कूष्मांडा रूप बनाए

पांचवें दिन को स्कंदमाता, भक्तों को दर्शन दिखाएं

अरे हे... कात्यायनी मां को छठवें दिन,

पूजे ये दुनिया सारी

जय हो मां शेरावाली, करती जग की रखवाली

3 सातवें दिन को मां कालरात्रि, दुखड़े दूर भगाए

आठवें दिन महागौरी मैय्या, भक्तों के घर में आए

अरे हे... नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री,घर में करे खुशहाली

जय हो माँ शेरोवाली, करती सबकी रखवाली

4 नवदुर्गाए दौड़ी आए, जब कोई भक्त पुकारे

सुख समृद्धि धन दौलत से, सबके भरे भंडारे

अरे हे... लव और कुश भी जन्म जन्म तक,

बन गए माँ के पुजारी,

जय हो मां शेरावाली ,करती सब की रखवाली

आओ आओ रे भक्तो ढोल बजाओ, हां हां ढोल बजाओ

झूमो नाचो रे गाओ, माँ को मनाओ, हां हां माँ को मनाओ

आए हैं मैया के नवराते ,मैया से करनी है बातें

सारे जहां से निराली, मां शेरोवाली, माँ जोता वाली

जय हो मां शेरोवाली, करती सबकी रखवाली

तेरी जय हो मां शेरोवाली, करती सबकी रखवाली

भजन गायक :- लव कुश बन्धु

मो. न. :- 9001246065

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।