सुन लो श्याम पुकार हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन लो श्याम, पुकार हमारी, जग के है ठुकराये,

तुम ही आखिरी, आस हमारी, लौट कहा हम जाये।

तर्ज: रुक जा रात, ठहर जा रे चंदा

आँख में आँसू, पांव में छाले, लेकर आये द्वार तुम्हारे-2

तुम न सुनोगे तो, कौन सुनेगा, तुम ही तो हो, हारे के सहारे-

तुम ही तो हो, हारे के सहारे

सुन लो श्याम, पुकार हमारी, जग के है ठुकराये,

तुम ही आखिरी, आस हमारी, लौट कहा हम ज

हमने सुना है, तू सांवरिया, खाटू में तकदीर सँवारे -2

तेरे हवाले, जीवन नैया, तू ही इसे, अब दे दे किनारे ।

तू ही इसे अब दे दे किनारे

सुन लो श्याम, पुकार हमारी, जग के है ठुकराये,

तुम ही आखिरी, आस हमारी, लौट कहा हम जाये ।

श्याम हमारी झोली भर दो, कैसे जाऊंगा मैं खाली ।

जीवन की बगिया, महका दो, बन जाओ तुम मेरे माली ।

बन जाओ तुम मेरे माली।।

सुन लो श्याम, पुकार हमारी, जग के है ठुकराये,

तुम ही आखिरी, आस हमारी, लौट कहा हम जाये।

तन मन तेरे प्यार में झूमे, जीवन मेरा सुहाना कर दो,-2

बार-बार तेरे दर पर आये, विष्णु को दीवाना कर दो,

भक्तों को दीवाना कर दो।

सुन लो श्याम, पुकार हमारी, जग के है ठुकराये,

तुम ही आखिरी, आस हमारी, लौट कहा हम जाये।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।