वैष्णो मईया मैनू वी दर ते बुला

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पत्थरा च रह के मां , क्यों पत्थर होया दिल तेरा

तेरे बिना दस कौन मेरा , मईया हाल वेख लै मेरा........

अम्बे मईया मैनू वी दर ते बुला , वैष्णो मईया मैनू वी दर ते बुला

सब नू तू पावें चिट्ठी मैनू वी तू पा......

अम्बे मईया मैनू वी दर ते बुला............

लाल तेरा मां तेनु पुकारे (2)

आवां किवें दस तेरे दवारे (2)

शेरां वालिए मेरी सुन लै सदा...

अम्बे मईया मैनू वी दर ते बुला...........

अपने प्यारेआं ने मुख मैथों फेरेया (2)

दुखां ते मुसीबता ने आन मैनू घेरेया (2)

जग ने सताया दाती तू वी ना सता....

अम्बे मईया मैनू वी दर ते बुला.............

शैली दे सिर ते हथ रख मेहर दा (2)

रस्ता वखा दे आके सुखां दी सवेर दा (2)

दरश दिखा के मैनू चरणी लगा.......

वैष्णो मईया मैनू वी दर ते बुला.............

Singer & । yrics - She॥ y Singh

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।