ज्योत मैं जगाई मईया तेरे करके

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ज्योत मै जगाई मईया तेरे करके

मेरे घर आजा मेरी मां बनके-2

आजा मईया आजा मईया- जय हो

ज्योत मईया मन च जगाई रखनी,

मईया मेरे मन च बसाई रखनी -2

ममता दी ठण्डी ठण्डी छां बनके-2

मेरे घर आजा मेरी मां बनके

आजा मईया आजा मईया- जय हो

जगमग जगमग ज्योत जगदी

तेरेया भगता नु वड़ी प्यारी लगदी-2

रसता दिखा जा मेरी वांह फड़के

मेरे घर आजा मेरी मां बन के

आजा मईया आजा मईया- जय हो

ज्योत विच असां नूर तकना

दाती जी भी मंगना तेरे तो मंगना-2

बाजा तेनु मारा भवना ते चढ़के-2

मेरे घर आजा मेरी मां बन के-2

आजा मईया आजा मईया- जय हो

सुनया में मईया रानी मेहरा करदी-2

पला बिच डूबे बेड़े पार करदी-2

पार लगा जा मईया बाह फड़के-2

मेरे घर आजा मेरी मां -2

आजा मईया आजा मईया-2

ज्योत मै जगाई मईया तेरे करके-2

मेरे घर आजा मेरी मां बनके

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।