हम सब मिलके आये दाता तेरे दरबार

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॥ पावन पाठ ॥

हम सब मिलकर आये दाता तेरे दरबार,

भरदे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार,

लेकर दिल मे फरियाद,करते हम तुमको याद,

जब हो मुश्किल की घड़िया,माँगे तुम से इमदाद,

सबसे बढ़के ऊँचा जग मे तेरा दरबार,

भर दे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार,

चाहे दिन हो विपरीत, होवे तुमसे ही प्रीत,

सच्ची श्रद्धा से गावे, तेरी भक्ति के गीत,

होवे सबका प्रभुजी तेरे चरणो मे प्यार,

भर दे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार,

होवे जब संध्याकाल, होके निर्मल तत्काल,

अपना मस्तक झुकाके, करके तेरा ख़याल,

तेरे दर पे आकर बैठे सारा परिवार

भर दे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार

हम सब मिलके आये दाता तेरे दरबार

भर दे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।