मैंया जी ने आप जैसे भगतों से मिलाई है ये ही मेरी जिंदगी की असली कमाई है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : काली काली रात में भी रोशनी सी आई है

मैंयाजी ने आप जैसे भग्तों से मिलाई है

ये ही मेरी जिंदगी की असली कमाई है

1.. मैंयाजी ने आपसे, मिलाया नही होता

कौन मुझे जनता था, क्या वजूद होता

आपके दिलों में थोड़ी सी जगह जो पाई है

ये ही मेरी जिंदगी की असली कमाई है

2.. आप सारे भग्त, मुझसे भी बड़े ज्ञानी हैं

फिर भी मान देते हो, ये बड़ी महरबानी है

आपने जो मुझको ये इज्जत दिलाई है

ये ही मेरी जिंदगी की असली कमाई है

3.. जैसा भी हूं, आपका हूं, आप ही निभावोगे

अम्बरीष कहै गलतियों को, दिल से ना लगाओगे

भग्तों ने प्रेम, मां ने किरपा, लुटाई है

ये ही मेरी जिंदगी की असली कमाई है

Lyrics & Singer : Ambrish Kumar Mumbai

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।