धन तो धणी छ

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

धन तो धणी छ रे धन भाग रे,

श्री म्हारा अब तो आजो जी म्हारे पावणा,

घर का तो रूसिया माई बाप रे,

श्री जी म्हारा अपणा देवे है म्हाने बोल रे,

धन तो धणी छ रे धन भाग रे......

पैदल तो आवे है नर नार रे श्री म्हारा,

ओ जी श्री म्हाने परचा दिखाओ म्हाने आज रे,

धन तो धणी छ रे धन भाग रे........

झुर झुर रोवे है नर नार रे श्री जी म्हारा,

दुखडा मेटो जी म्हारा आज रे,

धन तो धणी छ रे धन भाग रे......

भगत बुलावे बेगा आऔ श्री जी म्हारा,

"मयूर' बुलावे थाने आज रे,

धन तो धणी छ रे धन भाग रे........

गायक रसीद मयूर इटावा राजस्थान

पैड प्लेर रहीस मयूर इटावा राजस्थान

9785090030,9829962362

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।