राधारमण कजरारी तोरी अंखियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधारमण कजरारी तोरी अँखियाँ

मैं वारी जावा रे प्यारी प्यारी तोरी अँखियाँ..||

लट घुंघराली कावर कारी सुंदर रूप सलोना

आँखों ने हम पर कर डाला जैसे जादू टोना

प्रेम भरी मतवारी तोरी अँखियाँ.....

मैं वारी जावा रे प्यारी प्यारी तोरी अँखियाँ...

तेरा चहरा देख के प्यारे जी भरता ही नहीं है

कोई पागल कहले मुझको इसकी परवाह नहीं है

क्यों की कृपा मई कजरारी तोरी अँखियाँ......

मैं वारी जावा रे प्यारी प्यारी तोरी अँखियाँ...

भजन गायक - हर्ष शर्मा ( वृन्दावन )

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।