देवी स्तुती

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मां भवानी जग की रानी, तू सती भव भन्जनी

जग की जननी जगत माता , आदि माँ भव हारिणी

हर रूप में हर नाम से मां दुखियों की दुख हारणी

दुष्ट दानव को मिटाए मैया पाप की नाशिनी

चंडिका नर मुंडिका तु है मा कंकालिनी

तु ही दुर्गा तु ही काली तु ही मरघटवासिनी

पापियों का नाश करने तु खपर की धारिणी

चंद हो या मुंड कैटभ , तू असुर संघारिणी

देव सुर नर संत साधक सबकी तू अनुरागिनी

सिंघ् की करती सवारी माई पर्बतवासिनी

आदिशक्ति माँ भवानी , महिषासुर की मर्दनी

लकी निरंजन महिमा गाए , भक्तो की दुखःहारिणी

Singer - uday । ucky soni (9131843199)

Writer - Niranjan sen

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।