माँ तेरी याद सताती है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

—------------- भजन के बोल —-------------

माँ तेरे इस बेटे को तेरी याद सताती है……….2

चैन ना आता मुझको………2

चैन ना आता मुझको , नींद ना आती है

माँ तेरे इस बेटे को तेरी याद सताती है……….2

1 ) तेरी ही कृपा से मईया परिवार चलता है……….2

तेरे ही नाम से मेरा हर काम बनता है …………2

काबिल नही हूँ तेरे ……….. 2

काबिल नही हूँ तेरे , तू समझाती है

माँ तेरे इस बेटे को तेरी याद सताती है……….2

2 ) जब जब भी कोई संकट आए , दूर माँ करती है……….2

बच्चो के हर दुःख को माँ , अच्छे से समझती है………..2

अपने बच्चो पर मईया………..2

अपने बच्चो पर मईया , प्यार लुटाती है

माँ तेरे इस बेटे को तेरी याद सताती है……….2

3 ) मेरा ये जीवन मईया , तेरे हवाले है……….2

नईया हरीश की माँ , तू ही समाले है……….2

हाथ पकड़ के मेरा…………2

हाथ पकड़ के मेरा , माँ रस्ता दिखलाती है

माँ तेरे इस बेटे को तेरी याद सताती है……….2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।