महामाया फूल गजरा (छत्तीसगढ़ी जस गीत)

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

॥ छत्तीसगढ़ी जस गीत ॥

फुल गजरा ओ दाई बर , फुल गजरा ॥

गुथौँ महामाई के बर , फुल गजरा ॥

काहेन फूल के गजरा , अव काहेन फूल के हार ।

काहेन फूल के माथे मकुटिया , सोला हो सिंगार ॥

माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।

गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥

चंपा फूल के गजरा , चमेली फूल के हार ।

मोंगरा फूल के माथे मकुटिया , सोला हो सिंगार ॥

माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।

गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥

कौन माइ बर गजरा , अव कोन माइ बर हार ।

कोन माइ बर माथ मकुटिया, सोला हो सिंगार ॥

माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।

गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥

बुड़ी माइ बर गजरा , अव मंझली माइ बर हार ।

सीतला माइ बर माथ मकुटिया, सोला हो सिंगार ॥

माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।

गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।