ज्योत जले जिस घर में मां की वो परिवार चमके,

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिस घर में मां की ज्योत जले वो परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

शीश मैया के मुकुट विराजे,

जिसने भी पहनाया उसका भाग चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

माथे मैया के तिलक विराजे,

जिसने टिका लगाया उसका भाग चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

गले मैया के हरवा सोहे,

जिसने भी बनाया उसका भाग्य चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

हाथ मैया के मेहंदी सोहे,

जिसने भी लगाई उसका भाग चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

पैर मैया के पायल सोहे,

जिसने भी पहनाई उसका भाग चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

रंग मैया के चुनरी सोहे,

जिसने भी ओढ़ाई उसका भाग चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

भोग मैया के हलवा सोहे,

जिसने भी खिलाया उसका भाग्य चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके,

जिस घर में मां की ज्योत जले परिवार चमके,

मैया के गले में देखो हार चमके॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।