आ जाओ जगदम्बे माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जगराते की रात सुहानी, आजाओ महारानी मां।

जगराते की रात सुहानी, आजाओं जगदम्बे माँ ।।

भक्त तुम्हारे राह निहारे।2

आके दर्श दिखाओ मां।।

जगराते की रात सुहानी, आजाओ महारानी मां।।

भगतों ने ऐसी महिमा गाई,झूमते झूमते मां चली आई।।2।।

मां की बिंदिया,मां की पायल।।2।।

खूब सजे हैं मां के कंगन।।

जगराते की रात सुहानी, आजाओ महारानी मां।।2।।

शेरों की वो करती सवारी,लाल चुनरिया मां की प्यारी।।2।।

मां की मूरत कितनी न्यारी।।2।।

जाऊं मैं तो वांरी वांरी ।।

जगराते की रात सुहानी, आजाओ महारानी मां।

जगराते की रात सुहानी , आजाओ जगदम्बे मां।।

भक्त तुम्हारे राह निहारे,2

आके दर्श दिखाओ मां।।

जगराते की रात सुहानी, आजाओ महारानी मां।।

जगराते की रात सुहानी, आजाओ जगदम्बे मां।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।