किथो ने रंगईयाँ अंखा पुछदीया सारियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु मेरया किता ऐ कमाल जी,

शेंषा बनाया मेनू जुदा दी कंगाल सी,

किथो लबे श्याम तेनु पुछदीया सारियां,

जदों तेरे नाम वालियां चढ़िया खुमारियां

किथो ने रंगईयाँ अंखा पुछदीया सारियां

सतगुरु मेरेआ मिलाया संयोग जी,

दुःख कटे सारे मेरे होई आ निरोग जी,

जनम जनम दिया कटिया बीमारियाँ,

जदों तेरे नाम दिया चढ़िया खुमारिया,

किथो ने रंगईयाँ..........

सतगुरु मेरेआ तेरे गुण गावागी,

तेरा नूरी रूप देख जग भूल जावा गी,

दरस दिखा दे मेनू जनमा दी प्यासी आ,

जदों तेरे नाम दिया चढ़िया खुमारिया,

किथो ने रंगईयाँ ...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।