महामाया सुन ले पुकार दर्सन देदे माता हम आयेन तोर दुवार -छत्तीसगढ़ी जस गीत

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

छत्तीसगढ़ी जस गीत

महामाया सुन ले पुकार दर्सन देदे माता हम आयेन तोर दुवार

महामाया सुनले पुकार दरसन देदे माता हम आयेन तोर दुवार

1नाक नथनिया झूले भवानी कानन झुमका बाली

रातन हिरा जड़े पतीका होठ सुवन लगे लाली

गले मा हो...... बिराजे चंद्रहार

दरसन देदे माता ........

2रूप अनेक जगत मा माता,तीनो लोक मा झाये

दुर्गा काली आम्बा गौरी, बनके तै हा आये

महिमा हावे हो...... तोर अपार .

दरसन देदे माता.......

3ब्रम्हा विष्णु महेश नारद पार कोनो न पाये

तोर चरित हे अगम अपारा कहनी कहे ना जाये

चौउदा लोक मा हो..... गूंजे जय जय कार

दरसन देदे माता.......

4चैत कुंवार मा मेला भाराथे दरसन बर सब आये

तोर चरन मा मुड़ी नवाके मन इच्छा फल पाये

रतनपुर मा हो......सजे हे दरबार

दरसन देदे माता.......

महामाया सुनले पुकार दरसन देदे माता हम आयेन तोर दुवार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।