तेरे द्वार से बाबा दरबार से कभी भी कोई भी खाली ना गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे द्वार से बाबा दरबार से, तेरे द्वार से बाबा दरबार से

कभी भी कोई भी खाली ना गया

जिसे जो चाहा वो मिल गया हो जिसने जो चाहा वो मिल गया

सर पर मेरे हाथ तेरा डरने की क्या फिर है बात

तेरे द्वार से मिली है बाबा मुझको हर सौगात

जब से तू मिला जीवन खिला महका हुआ उपवन मिला

और बताऊं क्या बाबा खिल उठा ये संसार

पल-पल में तुझको ही ध्यायु

तेरे द्वार से बाबा दरबार से

कभी भी कोई भी खाली न गया

जिसने जो चाहा वो मिल गया जिसे जो मांगा वह मिल गया

जीना नहीं मुझे तो चरणों से अब दूर होके

सब कुछ भुलाना है मुझको तेरी भक्ति में खोके

तेरी पूजा ही मेरा प्राण है तेरे चरणों में कल्याण है

सुन ले मेरे श्याम अब तो इन धड़कनों की सदा

अब ना तेरा दर छोड़ूं

तेरे द्वार से बाबा दरबार से कभी भी कोई भी खाली न गया

जिसने जो चाहा वो मिल गया जिसने जो मांगा वो मिल गया

ललित शर्माफोजी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।