मेरे श्याम धनी तुझे लाखों प्रणाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे गीतों में तू मेरे गानों में तू

मेरी सरगम में तू मेरी तानों में तू

रात दिन सुबह शाम लेके तेरा नाम

मेरे श्याम धनी तुझे लाखों प्रणाम

मेरे गीतों में तू मेरे गानों में तू

मेरी सरगम में तू मेरी तानों में तू

तुम हो मेरे बोल तो बना लूं अपने गीतों में सजा लूं

हे हे अपनी सरगम में तुमको ही गा लूं

तुम हो मेरी तान तो बजा लूं अपने भजनों में रमा लूं

हे हे अपने गीतों से तुमको रिझा लूं

ना मैं भूलूं तुझको श्याम, लेके तेरा नाम

मेरे श्याम धनी तुझे लाखों प्रणाम

मेरे गीतों में तू मेरे गानों में तू

मेरी सरगम में तू मेरी तनु में तू

तुमको कोई गीत में बना लूं अपने होठों पर सजा लूं

हे हे दिल चाहे जब गुनगुना लूं

तुमको ही अपना मीत में बना लूं अपने दिल में छुपा लूं

हे हे जी चाहे जब मैं बुला लूं

मैं हूं तेरा बाबा श्याम, बड़ा पावन तेरा धाम

जान ये निकले मेरी तो, बस हो तेरा नाम

मेरे गीतों में तू मेरे गानों में तू

मेरी सरगम में तू मेरी तानों में तू

रात दिन सुबह शाम लेके तेरा नाम

ओ मेरे श्याम धनी तुझे लाखों प्रणाम

मेरे गीतों में तू मेरे गानों में तू

ललित शर्मा फौजी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।