मैनु याद आवे मेरे श्याम दी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैनु याद आवे मेरे श्याम दी

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गड्डी, जांदी है, छलांगा मारदी,

मैनु, याद आवे, मेरे श्याम दी ॥

औ मेरा, खाटू वाला श्याम,

रहता, लीले पे सवार ।

मैं, भूखी श्याम, तेरे प्यार दी...

गड्डी... ओ, गड्डी...

गड्डी, जांदी है...

वो, बिगडी बनाता है, वो, भाग्य जगता है ।

खाटू, में बुलाता है, वो, पास बिठाता है ॥

जिसके, दिल में, रहता श्याम,

उसके, बनते, बिगड़े काम ।

बेटी, काहे को, हिम्मत हार दी...

गड्डी... ओ, गड्डी...

गड्डी, जांदी है...

वो, सपने में आता है, वो, सपने सजाता है ।

वो, दर्द मिटाता है, वो, रोंग मिटाता है ॥

जो, कहते बाबा श्याम,

उनके, बनते बिगड़े काम,

बेटी, काहे को, हिम्मत हार दी...

गड्डी... ओ, गड्डी...

गड्डी, जांदी है...

वो, हारे का सहारा है, बाबा, श्याम हमारा है ।

भक्तों, का प्यारा है, मोरवी, का दुलारा है ॥

जो, लेता उसको पुकार,

उसकी, कभी न होती हार ।

बेटी, काहे को, हिम्मत हार दी...

गड्डी... ओ, गड्डी...

गड्डी, जांदी है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।