वामन जी लिया अवतार-जी बधाई होवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्रीवामन भगवान प्रक्ट महोत्सव

(श्रीवामन द्वादशी-मंगल बधाई गीत)

(ईश्वर ने कीना शुभ काम जी बधाई होवे धुन पे भी गा सकते

वामन जी लिया अवतार-जी बधाई होवे।

आए जगदीश जगताधार-जी बधाई होवे ।।

भादों की द्वादश आई,

वादों की याद निभाई,

प्रक्टै बटुक सरकार -जी बधाई होवे

रूप अनूप निराला,

सात बरस का बाला,

मुख पर तेज़ अपार जी बधाई होवे,

कश्यप अदिति घर में,

बजी बधाई नगर में,

हो रही जय जयकार -जी बधाई होवे,

हर कोई नाचे गावे,

झूम झूम खुशी मनावे,

गावे मधुप मंगलाचार-जी बधाई होवे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।