गणपति देवा ,मोरी लाज रखते

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मोरी लाज रखते गणपति देवा

मोरी लाज रखते गणपति देवा ,मोरी लाज रखते गणपति देवा,

दुख सारे हरते ,गणपति देवा---

मोरी लाज रखते---

1:घर में बाबा तुझको लाउ -2

पान और मेवा तुझको चढ़ाऊ -2

और लड्डूवन का भोग लगाओ मोरे देवा------

मोरी लाज रख ते गणपति देवा -2

2:बाबा निर्धन के घर आओ -2

रिद्धि सिद्धि को साथ में लाउ -2

कष्ट, क्लेश मिटाओ मोरे देवा ----------

मोरी लाज रखते गणपति देवा -2

3:जब सनातनी कार्ज रचाते -2

सबसे पहले तुझे मानते-2

Rishab के भी घर में आओ मोरे देवा ---------

मोरी लाज रखते गणपति देवा -2----

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।