सांवलिया सेठ के श्री चरणों में अर्जी लगाने आया हूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : पर्बत के पीछे चम्बे दा गांव

सांवलिया सेठ के, श्री चरणों में

अर्जी लगाने आया हूं..

झुकती है सारी, दुनिया जहां पर

मैं भी.. सर झुकाने, आया हूं.. हो..

1.. सबको पता है, खाटू सा, दरबार नही दूजा

इसीलिये, कलयुग में घर-घर, होती है पूजा

इस दुनिया में, बाबा सा, दात्तार नही दूजा

मनके भावों को, दिल के घावों को

मर्हम लगवाने आया हूं.. हो..

झुकती..

2.. इनका वचन है, इनका भगत, परेशान नही होगा

इज्जत शोहरत सब होगी, अभिमान नही होगा

इनकी कृपा से, बढ़ कर कोई, वरदान नही होगा

किस्मत की रेखा, कर्मों का लेखा

मैं भी.. बदलवाने आया हूं.. हो..

झुकती...

3.. खाटू की ग्यारस जैसा, त्योंहार नही देखा

भग्तों का, यहां आना कभी, बेकार नही देखा

अम्बरीष कहै, इस दर पे कभी, इनकार नही देखा

किरपा ये तेरी, किस्मत में मेरी

मैं भी.. लिखवाने आया हूँ.. हो..

झुकती..

Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।