गली.गली में देखो कैसा आँनद छाया है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गली.गली में देखो कैसा आँनद छाया है.2

गणेश ऊत्सव आया है

गणेश ऊत्सव आया है

गण्पती बप्पा मोरीया

मँगल मुँरती मोरीया

1.बप्पा के भगतो ने मील कंर बप्पा को बुलाया है

सुँदर.सुँदर फुलो से बप्पा को सँजाया है

गणेश जी का सुँदर रूप जो सब के मन को भाया है

गणेश ऊत्सव आया है

गणेश ऊत्सव आया है

गणपती बप्पा मोरीया

मँगल मुँरती मोरीया

2.शिव गोरा के लाँडले सब तेरे दीवाने हो गऐ

जब से आऐ गण्पती बप्पा सब मस्ताने हो गऐ

सब भगतो ने मील कंर आज मोदक भोग लँगाया है

गणेश ऊत्सव आया है

गणेश ऊत्सव आया है

3.गणेश ऊत्सव आते है घर.घर खुँशीया लाते है

गणपती बप्पा मोरीया सब जै.जै काँर बुलाते है

रवि कँचन ने बप्पा का दील से भजन ये गाया है

गणेश ऊत्सव आया है

गणेश ऊत्सव आया है

गली.गली में देखो कैसा आँनद छाया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।