जागो गौरी नँदन जागो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जागो गौरी नँदन जागो

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धुन- जागो मोहन प्यारे

जागो... गौरी, नंदन जागो ॥

जग, उजियारा फैला,

तेज तिहारा, जागो,

जागो... गौरी, नँदन जागो ॥

माँ, गिरिजा ने तुझे, जन्म दिया है,

शिव, भोले ने उप,देश दिया है ॥

प्रथमे तुझको, सब ही मनाए...

जागो... गौरी, नँदन जागो x॥

जग, उजियारा फैला,

तेज तिहारा, जागो,

जागो... गौरी, नँदन जागो ॥

अरब, खरब के, हो वरदाता,

रिद्धि सिद्धि नव, निधि के दाता ॥

भक्तन के, भंडार भराए...

जागो... गौरी, नँदन जागो x॥

जग, उजियारा फैला,

तेज तिहारा, जागो,

जागो... गौरी, नँदन जागो ॥

जनम, जनम के, दास तिहारे,

हाथ जोड़ कर, खड़े है द्वारे ॥

हर, मुश्किल में, तुम ही सहारे...

जागो... गौरी, नँदन जागो ॥

जग, उजियारा फैला,

तेज तिहारा, जागो,

जागो... गौरी, नँदन जागो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।