फूलों से सजाया दरबार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

फूलों से सजाया दरबार

फूलों से, सजाया दरबार,

गजानन, आ जाना ॥

आ जाना, महाराज,

गजानन, आ जाना ॥

फूलों से, सजाया दरबार...

घर के अंदर, भवन बनाया ॥

आओ, विराजो महाराज,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

हाथ में, लोटा, गंगाजल पानी ॥

चरण, धूलाऊं महाराज,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

चुन चुन, कलियां, फ़ूल मैं लाई ॥

सोहना, बनाया मैंने हार,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

हाथ, कटोरी, केसर थाली ॥

तिलक, लगाउं महाराज,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

हाथ में, ज्योति, जगमग होती ॥

आरती, उतारू महाराज,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

मोदक, का मैंने, भोग बनाया ॥

लड्डूवन, के भरे थाल,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

सब, भक्तों की, अर्ज यही है ॥

दर्शन, दो महाराज,

गजानन, आ जाना ।

फूलों से, सजाया दरबार...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।