जय गणेश जय महादेवा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय गणेश जय महादेवा

जय गणेश जय महादेवा

चिराग दिल के जलाओ बहुत अंधेरा है

मेरे भी घर आओ बहुत अंधेरा है

जीने का सबक सीखा है

बाबा के फकीरों से

तकदीर झलकती है

हाथों की लकीरों से

कह दिया कह दिया कह दिया,

कह दिया कह दिया कह दिया,

मैंने मेरे दिल जो था वो सब कह दिया।

तू है मेरा पिया तू है मेरा पिया,

तू है मेरा पिया तू है मेरा पिया,

कह दिया कह दिया कह दिया,

मेने मेरे दिल जो था वो सब कह दिया

जय गणेश जय महादेवा

जय गणेश जय महादेवा,

दुखियन पे कृपा करो

करे तेरी सेवा जय गणेश.......

जो पार करे नईया वो पारवती मईया

जो भाग्य बनाता है महादेव कहलाता है

माँ बाप के दिल को जो शख्स दुखाता है

दुनियाँ मे मजे कर ले वहाँ पर नरक मे जाता है

माता जाकी पारवती पिता महादेवा

जय गणेश.........

बहुत दूर से आया हूँ मै झोली खाली लाया हूँ मै

बाबा मेरी आस ना तोडो इस निर्धन से मुँह तो

ना मोडो मैने तेरा नाम लिया है अपने दिल को

तेरे नाम किया है आँख से आँसु झलक रहे है

तेरे चरनों मे तडप रहे है इनको छूकर पावन

कर दो मुझको भी बाबा सदा सुहागन कर दे

माता जाकी पारवती पिता महादेवा

जय गणेश..........,

माता जाकी पार्वती

जो पार करे नैया वो पार्वती मैया

जो भाग्य बनाता है महादेव कहलाता है

माता जाकी पार्वती माता जाकी पार्वती

पिता महादेवा,

जय गणेश जय महादेवा।।

ओम नमो नमो नमो नमो नमो

ओम नमो नमो नमो नमो नमो

कोई लाया फूल यहाँ, कोई लाया फूल यहाँ,

कोई लाया फूल की माला -

में निर्धन हूँ,

मैं क्या लाऊँ , में तेरे नाम का खाउँ,

कोई लाया फूल यहाँ

कोई लाया मेवा,

जय गणेश जय महादेवा।।

ओम नमो नमो नमो नमो नमो

ओम नमो नमो नमो नमो नमो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।