बिन तेरे हर खुशी अधुरी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐ मेरे श्याम लौट के आजा,

बिन तेरे जिन्दगी अधुरी है,

आ के तो देख मेरी हालत को,

बिन तेरे हर खुशी अधुरी है...

बहके आखो मे लब पे आहे है,

दिल मे इक दर्द सा तुफान सा है,

क्या करू मे इन बहारो का,

दिल का गुलशन मेरा विरान सा है,

ऐ मेरे श्याम लौट के आजा,

बिन तेरे जिन्दगी अधुरी है .....

लब पे कुछ उठती है सावन की,

आग बरसाती है चॉदनी राते,

तडप उठती है याद आती है,

तेरी याद तेरी मुलाकाते,

ऐ मेरे श्याम लौट के आजा,

बिन तेरे जिन्दगी अधुरी है....

दिल के बदले दिल दिया कान्हा,

तुने समझी के दिल लगी की है,

प्यार जितना किया है मेने तुझे,

तेरे हाथो मे मेरी जिन्दगी,

ऐ मेरे श्याम लौट के आजा,

बिन तेरे जिन्दगी अधुरी है....

बनके हमदर्द मेरा हम साया,

तु मेरी जिन्दगी मे आया था,

प्यार जितना किया है मेने तुझे,

सारी दुनिया को भी भुलाया था,

ऐ मेरे श्याम लौट के आजा,

बिन तेरे जिन्दगी अधुरी है......

अब तो आये है आह दिल मे है,

थम ना जाये ये मेरी सॉसे,

जल ना जाऊ कई तरह से मे,

बुझ ना जाये याद की यादे,

ऐ मेरे श्याम लौट के आजा,

बिन तेरे जिन्दगी अधुरी है.......

गायक रसीद मयूर (राधे) इटावा राजस्थान

पैड प्लेर रहीस मयूर इटावा राजस्थान

9785090030,9829962362

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।