राधे जी थारी नौकरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

—------------- भजन के बोल —-------------

थारी नौकरी में राधे जी कमाल हो गया………..2

जब से तेरा नाम लिया…….2

जब से तेरा नाम लिया , निहाल हो गया……….2

थारी नौकरी में राधे जी कमाल हो गया………..2

1 ) नाम मिला जब तेरी सर्विस मिली मुझे अर्जेन्ट………2

कृपा करी लाडली ऐसी रख लिया परमानेंट………2

मेरे सूखे जीवन में…………2

मेरे सूखे जीवन में धमाल हो गया……….2

थारी नौकरी में राधे जी कमाल हो गया………..2

2 ) नही था में इस काबिल श्यामा फिर भी मुझे अपनाया……..2

अपनी सेवा देके मईया मेरा मान बढ़ाया…….2

तन्खा इतनी दे दी में ………2

तन्खा इतनी दी में मालामाल हो गया………..2

थारी नौकरी में राधे जी कमाल हो गया………..2

3 ) सभी सुनो सन्देश मेरा तुम राधे राधे जपना……..2

इसको जपने से हो जाए गा गोविंद भी अपना…………2

गावे भजन हरीश दूर…. . ….2

गावे भजन हरीश दूर दुःख जाल हो गया…………2

थारी नौकरी में राधे जी कमाल हो गया………..2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।