कैसा सुन्दर सजा है दरबार गणपति बाबा का

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कैसा सुंदर सजा हैं दरबार

==================

कैसा, सुन्दर, सजा है दरबार,

गणपति बाबा का ॥

सारे, मिल के, करो जय जयकार,

गणपति बाबा का ॥

कैसा, सुंदर, सजा हैं दरबार...

कितनी, बार, देखा मेरा, दिल नहीं भरता ॥

अद्भुत, दिव्य, श्रृंगार, गणपति, बाबा का ॥

कैसा, सुंदर, सजा हैं दरबार...

गणपति, बाबा मेरे, नैनो की ज्योति ॥

सारे, भक्तो के, है सरदार, गणपति, बाबा जी ॥

कैसा, सुंदर, सजा हैं दरबार...

नित, उत्सव नित, मंगल करते ॥

सारे, भक्तो के, हैं रखवार, गणपति, बाबा जी ।

कैसा, सुंदर, सजा हैं दरबार...

भक्तो, को निज, चरणों में रखना ॥

सब, करते, रहे गुणगान, गणपति बाबा का ॥

कैसा, सुंदर, सजा हैं दरबार...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।