गजबदन गजबदन गजबदन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजबदन गज़बदन गजबदन ll2ll

1 तुम हो संकट हरण नाथ असरन सरन l

सारा त्रिभुवन तुम्हे कर रहा है नमन l

शिव दुलारे हो......गौरी के प्यारे सुवन..

गजबदन ~गजबदन ~गजबदन

2 गरवा उस सिंदूरा सुरु की किये हो दलन l

ब्रम्हा की पुत्री सिद्धि किये हो वरण l

तब उसी दिन से..... सिंदूर किये हो प्रहन

गजबदन ~गजबदन ~गजबदन

3 एक दिन कर्क सब मिलके किये देवगण l

कोन होगा प्रथम पूज्य किजे चयन l

जो प्रथम आयेगा.... विश्व करके भृमण..

गजबदन ~गजबदन ~गजबदन

4.मान बुद्धि के दाता तुम्हे देवगन

उचे आसन दिये लिये श्रद्धा सुमन

कर अजय पे.....कृपाहे कृपा के सदन

गजबदन ~गजबदन ~गजबदन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।