आज शिव भवनां में बाजे बधईया गोदी में गणेश लिए बैठी गौरी मैया

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आज शिव भवनां में बाजे बधईया गोदी में गणेश लिए बैठी गौरी मैया

तर्ज़ : मेरे अंगनां में तुम्हारा क्या काम है।

आज शिव भवनां में बाजे बधय्या ।

गोदी में गणेश लिए, बैठी गौरी मय्या ।।

लम्बोदर एकदन्त चार भुजा धारी ।

नाटा मोटा गणराजा, मूसे की सवारी ।।

हथों में पाश फूल अंकुश धरय्या - आज०

काले भूरे नयनन के बीच सोहे चन्दा ।

सोहे सिन्दूर मुकुट माल बाजूबन्दा ।।

श्वेत तन मन पै पीताम्बर औड़य्या आज०

देवों में अग्र पूज्य, सन्त करें सेवा ।

लडुअन का भोग लगे, जम्बूफल मेवा ।।

आज ०

आरती उतारे शम्भु, डमरु बजय्या रत्न सिहांसन पै गणपत बिराजै ।

मंगल भवन में मंगल धुन बाजे ।। -

नाचे 'मधुप' मन था था थय्या - आज०

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।