राधा राधा जपलै नी पार लग जाएंगी नाम वाले बेड़े बैठी भव तर जाएंगी

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

धुन : जाग नी फकीरिये जगान वाले आ गए, गुरदास मान

पद : गल मेरी तू सुणलै झल्लिए हुण ता एथे आ गइयों तू फेर पता नही औणा मुड़ मुड़ के एह मानस चोला हथ तेरे नही औणा छड झमेले सारे जग दे लाभ जे पूरा उठौणा मन दा मणका फेर "मधुप" जे प्रेम हरि दा पौणा

राधा राधा जपलै नी पार लग जाएंगी नाम वाले बेड़े बैठी भव तर जाएंगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।