बोल सांवरिया बोल तुझको कैसे रिझाया जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कैसे रिझाया जाए

कैसे रिझाया जाए

बोल सांवरिया बोल तुझको कैसे रिझाया जाए - 2

आप बोलो वो भजन सुना दु

गर बोलेंगे तो नाच कर दिखा दु

बोलो बोलो सांवरिया मुख को खोलो सांवरिया - 2

वो ही कराया जाए

शीश झुकाया जाए या आंसू चढ़ाए जाए

बोल सांवरिया बोल तुझको कैसे रिझाया जाए - 2

खीर चूरमे का भोग बनवा दू

अपने हाथों से तुमको जीमा दु

बोलो बोलो सांवरिया मुख को खोलो सांवरिया वो ही बनवाया जाए

खीचड़ बनवाया जाए या छप्पन भोग लगवाए

बोल सांवरिया बोल तुझको कैसे रिझाया जाए

गिरधारी ने कह दिया जो कहना है

खाटू वाले के संग में ही रहना है

हो सुबह चाहे शाम मैं रटू तेरा नाम

मेरे श्याम प्यारे

जयकार लगाई जाए या ताली बजवाई जाए

बोल सांवरिया बोल तुझको कैसे रिझाया जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।